Wednesday, 23 November 2011

know your self then cheng in your life

एक किसान था  वह प्रतिदिन अपनी भेंड चराने जंगल जाता था एक दिन उसे एक सेर का बच्चा मिला किसान उसे अपनी भेन्डों के साथ रखता धीरे धीरे सेर का बच्चा बड़ा हो कर सेर बन गया वहा भेंडो के साथ भेंडो की तरह रहता था एक दिन एक सेर ने भेंडो पर हमला कर दिया सेर को देख कर भेंडो के साथ सेर भी दर कर भगा  सेर ने दोरकार सेर को पकर कर कहा तू क्यों भाग रहा है  सेर दर गया कहा मुझे मत मारो सेर ने कहा तू सेर का बच्चा हो कर डरता है तथा उसे पकर कर कुआं के पास लेजाकर कुँए में अपना तथा उसका प्रतिबिम्ब दिखाकर बोला देख जो मैं हूँ वही तुम हो यह कह कर उसने एक दहार लगी और उसे भी वैसी आवाज लगाने को कहा उसने कोसिस की दो तीन कोसिसों के बाद उसकी भी दहार वैसी हुई  अब वह अपने को पहचान गया अपनी पहचान होते ही भेड़ों के साथ में में करनेवाला जंगल का राजा बन गया इसी तरह हम भी अपने को भूल कर इधर उधर में में करते है जिस दिन हमने अपने को जान लिया की मै उस सर्व सक्तिमान का श्रेष्ठ  पुत्र हूँ  उस दिन की बाद हमारी दहार के आगे कोइ नहीं ठहर सकता मैं संसार के राजा के पुत्र की तरह निडर  हो जाऊंगा इस लिए उठो जागो अपने को पहचानो तथा भय मुक्त हो कर जियो